संचार क्रांति
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एक दौर में
पशु-पक्षी होते थे
पत्रवाहक।
नहीं थे तब
गमनागमन के
कोई साधन।
भेज देते हैं
पलभर में हम
आज संदेश।
यह सब ही
संभव हो पाया है
तकनीक से।
विज्ञान ही है
जिसने बना दिया
विश्व को गांव।
घर बैठे ही
संभव बना दी है
विश्व की सैर।
बन गया है
मुख्य संचार स्रोत
इंटरनेट।
@दिनेश कुकरेती

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