पहिये का आविष्कार (दो)
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बना चुका था
पाषाण हथियार
तब मानव।
प्रयत्न कर
उसने काटी होगी
वो काष्ठ डाट।
पहिये का-सा
दे आकार काष्ठ को
बना दी गाडी़।
इसे खींचने
गधे, घोडे़, बैल का
लिया सहारा।
हुआ आसान
तब ढोना सामान
उसके लिए।
यही पहिया
बर्तन बनाने में
था सहयोगी।
बनाने लगा
आदिमानव तब
मिट्टी के पात्र।
@दिनेश कुकरेती
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