नाव का आविष्कार
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घर हमेशा
नदी तट पर ही
बनाता था वो।
ताकि हमेशा
मिलता रहे उसे
पर्याप्त पानी।
देखा उसने
तैरता एक बार
लट्ठा नदी में।
फिर उसने
बांध के कुछ लट्ठे
डाले नदी में।
रखा वजन
तैरते लट्ठों पर
वो डूबा नहीं।
बैठा वो ख़ुद
फिर भी नहीं डूबे
तैरते लट्ठे।
ऐसे हुआ था
नाव का आविष्कार
पुरा काल में।
@दिनेश कुकरेती
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