google-site-verification: google21fa1b42aa9f945e.html VIGYANKU: मानव की यात्रा (पांच)

रविवार, 5 मार्च 2023

मानव की यात्रा (पांच)


मानव की यात्रा (पांच)

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समझ गया
बीज का महत्व भी
वह धीरे-धीरे।

उगते पौधे
देखे जब उसने
फेंके बीज से।

पालने लगा
उन पौधों को वह
यत्न पूर्वक।

बनने लगे 
छोटे-छोटे समूह
तब उसके।

जागा उनमें 
एक-दूजे के लिए
अपनत्व।

दिखने लगा
जुदा अन्य जीवों से
आदिमानव।

बढ़ रहा था 
परिवार की ओर
आदिमानव।

@दिनेश कुकरेती

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